रामवती देवी नारायण महाविद्यालय का संक्षिप्त परिचय

दो शब्द

प्रिय प्रवेशार्थी,

महाविद्यालय परिवार आपके संरक्षित छात्रों के जीवन को अनुशासित, सुख सुविधा पूर्ण एवं सापेक्ष सार्थकता प्रदान करने हेतु कृत संकल्प हैl इस पुनीत एवं महान कार्य हेतु आपका सहयोग अपरिहार्य हैl इस महाविद्यालय परिवार के लिये सभी छात्रों को व्यग्तिगत रूप से देखभाल करना संभव नहीं है अतः बच्चों को केवल आर्थिक सहयोग देकर ही अपने कर्तव्य की इतिश्री समझाने की भूल न करें बल्कि समय-समय पर उनकी व्यग्तिगत जीवन चर्चा एवं अध्ययन रूचि के विषयों में जानकारी करते रहेंl विशेष ध्यान रखे की आपकी संतान अध्ययन की ओ़र ध्यान दे रही है या क्रित्सित संगत में पड़कर अपने समय और धन का दुरुपयोग कर रही हैl आप समय-समय पर महाविद्यालय से संपर्क करें अभिभावक की जागरूकता ही छात्रों के जीवन को उज्जवल बनाने में सहायक होती है |

आशा है आपके सहयोग से महाविद्यालय परिवार आपके बच्चों को सुरक्षित भविष्य से युक्त नव-जीवन प्रदान करने के पुनीत कार्य में सफल होगा इस हेतु मै आप सभी के सहयोग का आकांक्षी हूँ |

प्रबन्धक                                                             अध्यक्ष

राकेश कुमार मिश्रा                                          डा. जी. एस. मिश्र

सन्देश - प्राचार्य की ओ़र से

प्रिय प्रवेशार्थी,

मुझे प्रसन्नता है कि ज्ञान-पिपासा और उत्तम नागरिक बनाने की उत्कृष्ट अभिलाषा से प्रेरित होकर आप इस शिक्षा संस्था में प्रवेश प्राप्ति के लिए संयुत्सुक हुये हैl सरस्वती की आराधना में अपने साथ आपको सम्मिलित करने के लिये प्रसन्न हूँ और कामना करता हूँ कि आप अपनी आराधना, निर्विघ्न और सफलता पूर्ण कर अपने लक्ष्य को प्राप्त करेंगे l

प्रबुद्ध और प्रगतिशील शिक्षित नागरिक होने के कारण आज समाज के प्रति अपने उत्तरदायित्वों से भलीभांति परिचित होंगे, फिर भी मै आपको यह स्मरण कराना अपना कर्त्तव्य समझता हूँ कि आपका यह महाविद्यालय वह पवित्र मन्दिर है, जहाँ निरन्तर उद्देश्य पूर्ण परिश्रम से आप अपने सुखद भविष्य की रचना कर सकते हैंl यह मन्दिर की पवित्रता आपके जीवन की पवित्रता से जुडी है महाविद्यालय के गुरुजन आपके पथ प्रदर्शक है | तथा आपको प्रेरणा, परामर्श और प्रोत्साहन देने हेतु सदैव सम्बद्ध हैं l यदि आप भी सच्चे जिज्ञासु की भांति उनके प्रति निष्ठा, सम्मान और अपनत्व भावना रखते हुये उनसे मार्ग दर्शन प्राप्त करें तो मुझे पूर्ण विश्वास है, कि विद्या के अमुत से आपका ह्रदयरूपी पात्र कभी रिक्त नहीं रहेगा l

शिक्षा में गुणात्मक सुधार की दृष्टी से महाविद्यालय में संगोष्ठी परिसम्बाद, समूह चर्चा आदि का समायोजन किया जाता हैl तथा ट्युटोरियल के माध्यम से छात्रों के प्रश्नों, संकायों तथा कठिनाइयों का निवारण किया जाता है l इसका उद्देश्य छात्रों के ज्ञानार्जन की प्रेरणा देता है l ताकि शिक्षा के क्षेत्र में व्याप्त नक़ल जैसी दुस्प्रवृत्तियों का उन्मूलन किया जा सकें l

यह विद्यालय न केवल शिक्षा की दृष्टी से अपितु क्रीड़ा सेवा भावना तथा अन्य उत्तम गुणों की दृष्टी से भी आपके जीवन की सार्वांगीण विकास के अवसर उपलब्ध कराता है l आप इन सभी अवसरों का लाभ उठाये और प्रगति की ओ़र बढे l यही मेरी कामना है |

अतिशुभकामनाओ सहित
प्राचार्य